खुद को सुधारने के लिए 2 फॉर्मूला | अपना आत्म-सम्मान प्राप्त करें

आप अपने आपको और सुधारना क्यों चाहता है?

क्योंकि आप ये अच्छी तरह से जानते है की आपके अंदर ऐसे बहुत सारे कमियां है जो आगे चलकर आपके भविष्य के लिए परेशानी बन सकती है.

 हर कोई अपने आपको परफेक्ट रखना चाहता है ताकि कोई किसी भी तरह से उसके परिहास न करे.

इंसान अपने आपको अलग अलग तरह से सुधारना चाहता है. कोई फिजिकली , कोई मेंटली तो कोई सोशललय. 

ज्यादातर लोग अपने आपको सुधारने में अक्सर असफल हो जाते है. कभी कभी मानव अपने कमियों के कारण अपना आत्म सम्मान भी खो देता है.

ज्यादातर लोग अक्सर खुद को सुधारने में असफल क्यों होते हैं?

ज्यादातर लोग अपने आपको सुधारने में अक्सर असफल हो जाते है. इसकी सबसे बड़ी वजह है प्रयास पूरा न करना या थोड़े समय के प्रयास के बाद छोड़ देना.  प्रेरणा ,और ज्ञान की कमी.

अपने आप को सुधारने के लिए 2 फॉर्मूला

अपना कर्म करो और परिणामों के बारे में चिंता मत करो। (क्योंकि परिणाम आपके हाथ में नहीं है)

अपने आंतरिक गुणों में सुधार करें

सबसे पहले, किसी भी कार्य को पूरा करने के लिए धैर्य, आत्मविश्वास, ज्ञान, प्रेरणा और कड़ी मेहनत की आवश्यकता होती है। जिनके पास ये 5 गुण हैं, वे हर विचारशील काम को पूरा कर सकते हैं। वास्तव में, ये 5 गुण हर इंसान के अंदर हैं। अगर जरूरत है तो ,आपके अंदर केवल अच्छे गुणों को पहचानने की.

धैर्य

किसी भी काम की शुरुआत जब करे तो शीघ्र ही उसका परिणाम पाने की कोशिश न करे. कभी कभी कुछ काम ऐसे होते है जिसे पूरा होने में काफी समय लगता है. बहुत सारे लोग जल्दी परिणाम पाने के लिए गलत रास्तों पर भी चलते है, जिसके कारण बाद में उन्हें बहुत से तकलीफों का सामना करना पड़ता है. इसीलिए धैर्य की बहुत आवश्यकता है. अगर आपके अंदर धैर्य होगा तो भले वक़्त लगे लेकिन आप उसे पूरा जरूर करेंगे.

आत्मविश्वास

आत्म विश्वास का होना भी बहुत जरुरी है. अगर आपको अपने आप पर विश्वास है की मैं ये कर सकता हूँ तो आप उसे जरूर पूरा करेंगे. किसी भी काम को पूरा करने के लिए विश्वास सबसे बड़ी ताकत होती है.

ज्ञान

जब भी आप किसी काम की शुरुआत करते है तो उसके बारे में ज्ञान होना बहुत जरुरी है. इसलिए कोशिश करे की आप उस बिसय पर जितना जान सकते है. अगर आपको अच्छी जानकारी रहेगी तो उस पर काम करने में आपको उतना ही मजा आएगा और आप आपका काम भी सठिक होगा.

प्रेरणा स्त्रोत

किसी भी काम को पूरा करने के लिए प्रेरणा की आवश्यकता होती है. क्योंकि आप प्रेरित तभी होंगे जब आपको लगे की ये काम मेरे लिए लाभकारक है।  खासकर जिस काम को समाप्त करने लम्बा समय लगता है उसके लिए तो तो बहुत जरुरी है. क्योंकि थोड़े समय बाद बहुत सारे इंसान निराश हो जाते है और अधूरे में ही उस काम को छोड़ देते है. ऐसे समय में प्रेरणा उन्हें आगे बढ़ने का साहस देती है.

कठोर परिश्रम

बिना परिश्रम के कोई भी काम नहीं होता है. अगर आपको कुछ पाना  है तो आपको उसके लिए परिश्रम करना पड़ेगा. इसीलिए परिश्रम सबसे ज्यादा जरुरी है. अगर आपमें परिश्रम करने की ताक़त है तो आप अपनी मंजिल को और भी जल्दी पा सकते है. जिसमे जितना परिश्रम करने की ताक़त होती है वो उतना ही सफल होता है. खासकर जो इंसान परिश्रम के साथ अपने दिमाग का सही इस्तेमाल  करे उसे तो सफल होने से कोई नहीं रोक सकता.

बीती बातों की जांच

इसीलिए सबसे महत्वपूर्ण ये है की आप अपने दिनचर्या में एक आदत जरूर डाले, और वो है अगर आप कुछ करते है उसे एक बार समीक्षा जरूर करे. जब आप अपने आप की समीक्षा करोगे तो आपको बहुत कुछ पता चलेगा. समीक्षा करने का मतलब अपने आप से सवाल करना की आज के दिन आपने जो भी किया क्या वो सही था?

आज तुमने क्या किया, वह सही था?

जब तक आप ये नहीं समझेंगे की जो आप कर रहे है, वो सही है या  गलत तो आप आगे के लिए प्रेरित कैसे होंगे. अगर सही होगा तो आप निडर होकर आगे बढ़ने की कोशिश करेंगे. ये आपको आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा भी देगा.

मैं गलती कहां कर रहा हूँ?

अगर आप कुछ गलत कर रहे है तो उसे शुरू में ही  जानना बहुत जरुरी है, ताकि समय रहते आप उसे सुधार सकेंगे. अगर ज्यादा बिलंम्ब हो जायेगा आपको अपनी गलती पता चलने में तो आप निराश और हताश हो जायेंगे.

मैंने इस गलती से क्या सीखा?

जब आप गलती करते है तो उससे बहुत कुछ नया सिखने को मिलता है. गलती करना अच्छी बात है क्योंकि गलती कर इंसान को बहुत कुछ सिखने को मिलता है और  भविष्य में उसके प्रति सतर्क भी हो जाता है.

क्या मैं सही रास्ते पर जा रहा हूं?

आपको ये जानना भी बहुत जरुरी है आप सही रास्ते पर जा रहे है या नहीं. अगर आप सही मार्ग पर जा रहे है तो फिर आपको अपनी मंजिल पाने में आसानी होगी.

 

यदि आप इन सभी चीजों का ख्याल रखते हैं तो आप स्वयं को बेहतर बना सकते हैं।

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